चंद्रबाबू नायडू ने जगन मोहन रेड्डी को कहा 'कंस मामा', भांजी की शादी को लेकर बढ़ा विवाद
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख जगन मोहन रेड्डी की तुलना पौराणिक पात्र कंस से की है। विवाद जगन की बहन वाईएस शर्मिला की बेटी की शादी बेंगलुरु स्थित येलहंका पैलेस में आयोजित करने की अनुमति नहीं मिलने से जुड़ा है। जगन ने अपने फैसले के पीछे सुरक्षा और निजता संबंधी चिंताओं का हवाला दिया है।

अमरावती, 24 अक्टूबर 2026: आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक पारिवारिक संपत्ति विवाद को लेकर नया राजनीतिक टकराव सामने आया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी पर तीखा हमला करते हुए उन्हें 'कंस मामा' कहा। यह टिप्पणी उन खबरों के बाद आई है जिनमें दावा किया गया कि जगन ने अपनी बहन वाईएस शर्मिला को बेंगलुरु स्थित पारिवारिक परिसर येलहंका पैलेस में बेटी की शादी आयोजित करने की अनुमति नहीं दी।
नायडू ने आरोप लगाया कि जगन अपनी मां वाईएस विजयम्मा और बहन वाईएस शर्मिला के साथ संपत्ति संबंधी मामलों में अनुचित व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शर्मिला का भी पारिवारिक संपत्ति में हिस्सा होने का दावा है, तो उन्हें बेटी की शादी के लिए परिसर का उपयोग करने से क्यों रोका जा रहा है।
हालांकि, जगन मोहन रेड्डी ने अपने फैसले के पीछे सुरक्षा और निजता से जुड़ी चिंताओं को कारण बताया है।
चंद्रबाबू नायडू ने जगन को क्यों कहा 'कंस मामा'?
शनिवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जगन मोहन रेड्डी के पारिवारिक व्यवहार और राजनीतिक कार्यशैली पर सवाल उठाए।
नायडू ने आरोप लगाया कि जगन अपनी मां और बहन के साथ संपत्ति विवाद में न्यायपूर्ण व्यवहार नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शर्मिला भी परिवार की संपत्ति में हिस्सेदारी की दावेदार हैं और उनकी बेटी की शादी के आयोजन में बाधा डालना अनुचित है।
इस दौरान नायडू ने जगन की तुलना हिंदू पौराणिक कथाओं के पात्र कंस से की। कंस को भगवान कृष्ण के मामा के रूप में जाना जाता है।
मुख्यमंत्री ने जगन की राजनीतिक कार्यशैली की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि उनका रवैया राज्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
ये नायडू के राजनीतिक आरोप हैं। इन्हें जगन के आचरण या संपत्ति के कानूनी स्वामित्व के बारे में किसी न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
क्या है येलहंका पैलेस और शादी का पूरा विवाद?
विवाद बेंगलुरु के येलहंका इलाके में स्थित उस पारिवारिक परिसर से संबंधित है, जिसे येलहंका पैलेस के नाम से जाना जाता है।
आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष वाईएस शर्मिला अपनी बेटी वाईएस अंजिली रेड्डी की शादी इसी परिसर में आयोजित करना चाहती थीं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अंजिली रेड्डी की सगाई 24 सितंबर 2026 को सोमाला रघुरामी रेड्डी से हुई थी। विवाह 25 नवंबर 2026 को प्रस्तावित है।
शर्मिला की योजना परिवार के बेंगलुरु स्थित परिसर में विवाह समारोह आयोजित करने की थी।
लेकिन रिपोर्टों के मुताबिक, जगन मोहन रेड्डी ने अपनी मां वाईएस विजयम्मा के माध्यम से शर्मिला तक संदेश पहुंचाया कि वह इस स्थान पर शादी आयोजित करने की अनुमति नहीं देंगे।
शर्मिला के सहयोगियों का दावा है कि विवाह के निमंत्रण पहले ही कई रिश्तेदारों, राजनीतिक नेताओं और अन्य अतिथियों को भेजे जा चुके थे।
ऐसे में आयोजन स्थल बदलने की स्थिति ने परिवार के भीतर पहले से चले आ रहे मतभेदों को एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा में ला दिया।
जगन मोहन रेड्डी ने सुरक्षा कारणों का दिया हवाला
इस विवाद में जगन मोहन रेड्डी का पक्ष भी सामने आया है।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जगन ने 9 अक्टूबर 2026 को अपनी बहन शर्मिला को एक पत्र लिखा था, जिसे वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने सार्वजनिक किया।
पत्र में जगन ने कहा कि बड़े विवाह समारोह के दौरान बड़ी संख्या में अतिथि, कैटरिंग कर्मचारी, सजावट करने वाले, फोटोग्राफर, वीडियोग्राफर और इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े लोग परिसर में आएंगे।
उनके अनुसार, इतने लोगों की आवाजाही और संपत्ति की तस्वीरों तथा वीडियो के प्रसार से सुरक्षा एवं निजता से संबंधित जोखिम पैदा हो सकते हैं।
जगन ने यह भी कहा कि वह अपनी भांजी अंजिली के लिए शुभकामनाएं रखते हैं, लेकिन सुरक्षा संबंधी चिंताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकते।
उन्होंने कथित तौर पर यह स्पष्ट किया कि ऐसी परिस्थितियों में वह अपनी बेटियों के विवाह के लिए भी समान निर्णय लेते।
जगन ने वैकल्पिक आयोजन स्थल चुनने का सुझाव दिया और हैदराबाद स्थित अपनी लोटस पॉन्ड संपत्ति को भी एक विकल्प के रूप में पेश किया।
इस प्रकार, जहां नायडू और शर्मिला पक्ष के लोगों ने फैसले पर सवाल उठाए हैं, वहीं जगन ने इसे पारिवारिक समारोह रोकने के प्रयास के बजाय सुरक्षा से जुड़ा निर्णय बताया है।
भाई-बहन के बीच वर्षों से चल रहा संपत्ति विवाद
वाईएस जगन मोहन रेड्डी और वाईएस शर्मिला के बीच संपत्ति को लेकर मतभेद लंबे समय से चर्चा में रहे हैं।
दोनों आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के बच्चे हैं।
सितंबर 2009 में राजशेखर रेड्डी की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु के बाद पारिवारिक संपत्तियों के बंटवारे से जुड़े मुद्दे सामने आए।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, परिवार के भीतर हैदराबाद, बेंगलुरु और इडुपुलापाया स्थित संपत्तियों को लेकर मतभेद रहे हैं।
इसके अलावा सरस्वती पावर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड से संबंधित शेयरों का विवाद भी राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (NCLT) तक पहुंच चुका है।
दोनों पक्ष संपत्ति के अधिकार और पूर्व समझौतों को लेकर अलग-अलग दावे करते रहे हैं।
येलहंका पैलेस से संबंधित स्वामित्व और उपयोग के अधिकार का अंतिम निर्धारण संबंधित कानूनी दस्तावेजों तथा सक्षम प्राधिकारियों के निर्णय पर निर्भर करेगा।
मां विजयम्मा ने भी उठाए थे संपत्ति बंटवारे पर सवाल
मार्च 2026 में वाईएस विजयम्मा ने परिवार की संपत्तियों को लेकर सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखा था।
उन्होंने दावा
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मूल लेख: https://www.gt24x7bharat.in/rajniti/chandrabaaboo-naayadoo-ne-jagan-mohan-reddi-ko-kahaa-kans-maamaa-bhaanji-ki-shaadi-ko-lekar-badhaa-vivaad




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