'बिहार में क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं': CM सम्राट चौधरी के बयान पर विवाद, तेजस्वी यादव ने उठाए सवाल
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर दिया गया बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। दिल्ली में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि बिहार में क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं। इस टिप्पणी पर राजद नेता तेजस्वी यादव और अन्य विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं।

पटना/नई दिल्ली, 4 नवंबर 2026: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का अपराध को लेकर दिया गया एक बयान राजनीतिक विवाद का विषय बन गया है। दिल्ली में 3 नवंबर को आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में अपराध की अवधारणा समाप्त हो चुकी है। हालांकि, उन्होंने इसी दौरान अंग्रेजी शब्द 'क्राइम' और हिंदी शब्द 'अपराध' का अलग-अलग उल्लेख किया, जिसके बाद उनके बयान पर सवाल उठने लगे।
मुख्यमंत्री की टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने उन पर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने क्या कहा?
दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सम्राट चौधरी ने कहा कि उनके राज्य में अपराध की अवधारणा खत्म हो चुकी है।
उन्होंने कहा, "हमारे यहां कोई अपराध नहीं है। अपराध का कॉन्सेप्ट ही खत्म हो चुका है। क्राइम हो सकते हैं, लेकिन अपराध नहीं। कोई अपराधी नहीं है।"
बयान का यह हिस्सा सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी भाषा और अर्थ को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
अंग्रेजी का 'क्राइम' और हिंदी का 'अपराध' सामान्यतः एक ही अर्थ में इस्तेमाल किए जाते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के इस कथन को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए।
दिल्ली में किस कार्यक्रम के दौरान दिया बयान?
सम्राट चौधरी ने यह टिप्पणी दिल्ली में बिहार सरकार और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से जुड़े एक समझौता ज्ञापन (MoU) कार्यक्रम के दौरान की।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बिहार के विकास, जल प्रबंधन, बाढ़ की समस्या और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर भी बात की।
उन्होंने कहा कि बिहार के लिए जल प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है। नेपाल से आने वाली नदियों और बाढ़ की स्थिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बेहतर जल प्रबंधन की आवश्यकता बताई।
इसी संबोधन में अपराध को लेकर की गई टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई।
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री पर साधा निशाना
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया।
तेजस्वी ने मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निशाने पर लिया।
उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान की आलोचना की और मंच पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर भी सवाल किए।
तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी के खिलाफ गंभीर व्यक्तिगत आरोप भी लगाए। हालांकि, उन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार के लिए उपलब्ध नहीं है, इसलिए उन्हें प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
जन सुराज पार्टी ने भी की आलोचना
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने भी मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ ने बयान को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि अंग्रेजी और हिंदी में एक ही अर्थ वाले शब्दों को अलग बताना समझ से परे है।
उन्होंने व्यंग्यात्मक उदाहरण देते हुए कहा कि यदि 'क्राइम' और 'अपराध' अलग हैं, तो इसी तर्क से 'चीफ मिनिस्टर' और 'मुख्यमंत्री' भी अलग माने जाएंगे।
चिराग पासवान ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास राज्य की कानून-व्यवस्था से संबंधित आंकड़े होंगे।
पासवान ने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि बिहार से अपराध और अपराधियों का पूरी तरह अंत हो तथा राज्य सुरक्षित बने।
उन्होंने सुरक्षित वातावरण को निवेश और विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
क्या बिहार में अपराध पूरी तरह खत्म हो गया है?
मुख्यमंत्री का बयान कानून-व्यवस्था से जुड़ा एक व्यापक दावा है।
किसी राज्य में अपराध की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन पुलिस में दर्ज मामलों, अपराध दर, जांच, दोषसिद्धि और अन्य आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर किया जाता है।
केवल राजनीतिक बयान के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि बिहार में अपराध पूरी तरह समाप्त हो गया है।
इस समाचार में राज्य के नवीनतम अपराध आंकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण शामिल नहीं है।
बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज
सम्राट चौधरी की टिप्पणी के बाद बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
विपक्षी दल मुख्यमंत्री के शब्दों पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि सरकार की कानून-व्यवस्था संबंधी उपलब्धियों का आकलन आधिकारिक आंकड़ों से किया जाना आवश्यक है।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब बिहार में विकास, निवेश और प्रशासनिक व्यवस्था जैसे विषय भी राजनीतिक चर्चा में बने हुए हैं।
फिलहाल, मुख्यमंत्री की टिप्पणी और उस पर आई विपक्षी प्रतिक्रियाएं चर्चा में हैं। राज्य में अपराध की वास्तविक स्थिति का निष्पक्ष आकलन प्रमाणित आंकड़ों के आधार पर ही संभव है।
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मूल लेख: https://www.gt24x7bharat.in/rashtriya/bihaar-men-kraaim-ho-sakataa-hai-lekin-aparaadh-nahin-cm-samraat-chaudhari-ke-bayaan-par-vivaad-tejasvi-yaadav-ne-uthaae-savaal




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