दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्ष की 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली, चुनावी मुद्दों पर जुटे कार्यकर्ता
दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को विपक्षी दलों की 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली आयोजित की गई। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से पहुंचे कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), कथित चुनावी अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

नई दिल्ली, 1 नवंबर 2026: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को विपक्षी दलों की 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए राजनीतिक कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भाग लिया।
रैली का मुख्य उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची में संशोधन और चुनाव आयोग की जवाबदेही से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष का पक्ष सामने रखना था।
रामलीला मैदान में राजनीतिक सभा
दिल्ली का रामलीला मैदान लंबे समय से बड़ी राजनीतिक सभाओं और सार्वजनिक प्रदर्शनों का प्रमुख स्थल रहा है।
इस बार विपक्षी गठबंधन ने यहां चुनावी व्यवस्था से संबंधित मांगों को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया।
रैली में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों से कार्यकर्ताओं के दिल्ली पहुंचने की खबरें सामने आईं।
हालांकि, कार्यक्रम में कुल कितने लोग उपस्थित थे, इसका स्वतंत्र रूप से सत्यापित आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर विरोध
विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है।
उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के नाम हटने की आशंका है, जिससे मतदान के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
हालांकि, कथित 'वोट चोरी' के आरोप राजनीतिक दावे हैं। किसी विशिष्ट चुनावी अनियमितता की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों, जांच और न्यायिक निष्कर्षों के आधार पर ही की जा सकती है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
रैली के आयोजकों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता दी।
इसके साथ ही मतदाता सूची की पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने का मुद्दा भी उठाया गया।
विपक्षी दलों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के बजाय मतपत्रों से चुनाव कराने की मांग भी रखी है।
इन मांगों पर निर्णय लागू चुनावी कानूनों और संवैधानिक प्रक्रियाओं के अनुसार होगा।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था
रामलीला मैदान में बड़े कार्यक्रम को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और यातायात संबंधी व्यवस्थाएं कीं।
आसपास के प्रमुख मार्गों पर यातायात नियंत्रण और निगरानी के इंतजाम किए गए।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले लोगों की आवाजाही के कारण आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने दिशा-निर्देश जारी किए।
चुनावी व्यवस्था पर जारी बहस
रैली में उठाए गए मुद्दे भारत की चुनावी व्यवस्था और मतदाता अधिकारों से संबंधित हैं।
विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि किसी भी आरोप का तथ्यात्मक मूल्यांकन संबंधित प्रमाणों के आधार पर किया जाना आवश्यक है।
रामलीला मैदान की इस सभा ने मतदाता सूची, चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
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मूल लेख: https://www.gt24x7bharat.in/rashtriya/dilli-ke-raamalilaa-maidaan-men-vipaksh-ki-vot-bachaao-desh-bachaao-raili-chunaavi-muddon-par-jute-kaaryakartaa




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