'NDTV पर आकर बहस करें मोदी, अदाणी को जज बना लें': राहुल गांधी की खुली चुनौती, ट्रंप के नियंत्रण में होने का लगाया आरोप
पंजाब के संगरूर में कांग्रेस की 'इंसाफ रैली' को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमने-सामने बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अपनी पसंद का मंच और निर्णायक चुन सकते हैं। राहुल ने संसद में अपना माइक बंद किए जाने का आरोप भी लगाया और दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी को नियंत्रित करते हैं।

संगरूर, पंजाब | 4 नवंबर 2026: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर सार्वजनिक बहस की चुनौती दी है। पंजाब के संगरूर में आयोजित कांग्रेस की 'इंसाफ रैली' को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की विदेश नीति, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और संसद में विपक्ष को बोलने का अवसर मिलने जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने दावा किया कि वह प्रधानमंत्री के साथ पांच मिनट की बहस में अपने आरोप साबित कर सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी को नियंत्रित करते हैं।
हालांकि, ये राहुल गांधी के राजनीतिक आरोप हैं। प्रधानमंत्री के किसी विदेशी नेता के नियंत्रण में होने का कोई स्वतंत्र रूप से प्रमाणित साक्ष्य इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
'अदाणी को भी जज बना सकते हैं': राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी बहस के लिए अपनी पसंद का मंच चुन सकते हैं।
उन्होंने दावा किया कि वह किसी भी स्थान पर प्रधानमंत्री के सामने बैठकर सवालों का जवाब देने और उनसे सवाल पूछने के लिए तैयार हैं।
राहुल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत और उद्योगपति गौतम अदाणी का नाम लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री चाहें तो उन्हें भी बहस का निर्णायक बना सकते हैं।
उन्होंने टीवी स्टूडियो में भी बहस करने की बात कही। साझा सोशल मीडिया पोस्ट में NDTV का उल्लेख किया गया है, हालांकि उपलब्ध स्वतंत्र रिपोर्टों में राहुल गांधी द्वारा विशेष रूप से NDTV का नाम लेने की पुष्टि नहीं हुई है।
संसद में माइक बंद करने का लगाया आरोप
राहुल गांधी ने भाजपा नेताओं के उस तर्क पर भी सवाल उठाए जिसमें उन्हें संसद में चर्चा करने की सलाह दी जाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब वह संसद में बोलने की कोशिश करते हैं, तो उनका माइक बंद कर दिया जाता है और उन्हें अपनी बात पूरी करने का अवसर नहीं मिलता।
कांग्रेस नेता ने कहा कि वह प्रधानमंत्री से सीधे बहस करना चाहते हैं ताकि देश के सामने दोनों पक्षों की बात आ सके।
हालांकि, संसद में माइक बंद किए जाने के किसी विशिष्ट मामले की स्वतंत्र पुष्टि के लिए आधिकारिक कार्यवाही और संबंधित रिकॉर्ड की जांच आवश्यक है।
'मोदी को ट्रंप कंट्रोल करते हैं': राहुल गांधी का दावा
रैली में राहुल गांधी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंधों पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने दावा किया कि ट्रंप के दबाव में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जुड़े निर्णय लिए गए।
राहुल ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में भारत के किसानों, छोटे और मध्यम उद्योगों तथा डेटा से जुड़े हितों को नुकसान पहुंचाया गया।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी व्यापार समझौते के वास्तविक प्रभाव का आकलन उसके आधिकारिक प्रावधानों और आर्थिक आंकड़ों के आधार पर किया जाना चाहिए।
पांच मिनट में आरोप साबित करने की चुनौती
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह पांच मिनट की बहस में उन्हें 'देशद्रोही' साबित कर सकते हैं।
उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री उनके सामने बहस के लिए नहीं बैठेंगे।
यह राहुल गांधी का राजनीतिक आरोप और दावा है। प्रधानमंत्री मोदी को देशद्रोही बताने वाला कोई न्यायिक निष्कर्ष या स्वतंत्र रूप से सत्यापित प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
निर्मला सीतारमण ने दिया जवाब
राहुल गांधी की बहस की चुनौती को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 3 नवंबर को प्रतिक्रिया दी थी।
सीतारमण ने कहा कि सवाल पूछने वालों को सरकार के जवाब भी सुनने चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी कई बार संसदीय चर्चाओं के दौरान सदन से बाहर चले जाते हैं।
वित्त मंत्री ने राहुल गांधी से अपने आरोपों के समर्थन में विशिष्ट प्रमाण प्रस्तुत करने की मांग की।
इस तरह सरकार और विपक्ष के बीच बहस के मंच तथा संसदीय जवाबदेही को लेकर अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं।
भारत-अमेरिका संबंधों पर राजनीतिक बहस
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के साथ उद्योगपति गौतम अदाणी से जुड़े अमेरिकी कानूनी मामले का भी उल्लेख किया।
उन्होंने दोनों घटनाक्रमों के बीच संबंध होने का आरोप लगाया।
हालांकि, किसी कानूनी मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप या व्यापार समझौते के बदले कानूनी राहत दिए जाने के दावे की पुष्टि संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों से ही की जा सकती है।
प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया का इंतजार
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को अपनी पसंद का मंच, स्थान और निर्णायक चुनकर बहस करने की चुनौती दी है।
इस विशेष चुनौती को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीकार किया है या नहीं, इसकी कोई पुष्ट आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
इस बीच राहुल गांधी की टिप्पणी और उस पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रतिक्रिया ने राजनीतिक चर्चा को आगे बढ़ाया है।
संगरूर की इंसाफ रैली में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को खुली बहस की चुनौती देते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, उनके आरोपों और स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्यों के बीच अंतर बनाए रखना आवश्यक है।
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मूल लेख: https://www.gt24x7bharat.in/rajniti/ndtv-par-aakar-bahas-karen-modi-adaani-ko-jaj-banaa-len-raahul-gaandhi-ki-khuli-chunauti-tranp-ke-niyantran-men-hone-kaa-lagaayaa-aarop




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